उदय बुलेटिन
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राहुल गाँधी
राहुल गाँधी|IANS
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राहुल गाँधी की ‘हड़बड़ी’ में ‘गड़बड़ी’ 

पिछले दिनों मध्यप्रदेश दौरे पर आए राहुल गाँधी ने एक बार फिर गलतियां कर दी, जिसके बाद उनके ऊपर मानहानि का मुकदमा दायर किया गया है। 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

कोंग्रस अध्यक्ष राहुल गाँधी की जुबान आए दिन फिसलती रहती है , मध्य प्रदेश के दौरे पर आये राहुल गाँधी की जुबान इस बार फिसली तो उन्हें कोर्ट तक लेकर जाएगी। हुआ ये की राहुल गाँधी झाबुआ में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे , और बीजेपी सरकार के कार्यकाल में हुए घोटालों को जनता के सामने बता रहे थे, विजय माल्या , नीरव मोदी ,नितिन संदेसरा और राफेल जैसे मुद्दों पर बात करते हुए राहुल गाँधी ने बोल दिया की प्रदेश के मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे पनामा पेपर घोटाले में शामिल हैं। और इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा की ऐसे बड़े घोटाले में शामिल होने के बावजूद उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया। और मुख्य मंत्री पद का लाभ उठाये जा रहे हैं।

राहुल गाँधी के इस बयान के बाद तो प्रदेश की राजनीति में तूफान सा मच गया। शिवराज सिंह चौहान ने अपनी प्रतिकिर्या ट्विटर पर साझा किया उन्होंने लिखा " पिछले कई वर्षों से कांग्रेस मेरे और मेरे परिवार के ऊपर अनर्गल आरोप लगा रही हैं। हम सबका सम्मान करते हुए मर्यादा रखते हैं, लेकिन आज तो राहुल गाँधी जी ने मेरे बेटे कार्तिकेय का नाम पनामा पेपर्स में आया है कहा कर, सारी हदें पार कर दी! कल ही हम उन पर मानहानि का दावा कर रहे है"।

जब ये सारी बातें चल रही थी तब राहुल गाँधी मध्य प्रदेश के इंदौर में ही थे, जब इस बारे में एक पत्रकार ने राहुल गाँधी से सवाल किया तो उन्होंने कहा "बीजेपी सरकार में इतने घोटले हुए हैं की मैं कंफ्यूज हो गया , पनामा पेपर्स में रमन सिंह के बेटे का नाम है और मैंने शिवराज सिंह के बेटे का नाम ले लिया"। हालांकि राहुल गाँधी की ये गलती बीजेपी की बड़ी कामयाबी है। राहुल गाँधी की सफाई से न तो शिवराज को संतुष्टि मिली और न उनके बेटे कार्तिकेय को , कार्तिकेय ने बिना देरी करते हुए मौके का फायदा उठाया और राहुल गाँधी के खिलाफ कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया।

शिवराज के बेटे कार्तिकेय ने राहुल के बयाना के बाद कहा 'ठीक है राहुल ने माफ़ी मांग ली लेकिन उन्होंने जनसभा में मेरे परिवार का अपमान किया है'। तो दूसरी तरफ शिवराज दिल्ली पहुंच कर अमित शाह को उनके अपमान की कहानी सुनने में लगे हैं।

राहुल गाँधी की गलतियों का सिलसिला यही नहीं रुका उन्होंने फेसबुक पोस्ट में मिज़ोरम को मणिपुर लिख डाला। राहुल गांधी मिज़ोरम के एक स्कूल की कहानी साझा कर रहे थे। जहां 50 साल बाद लडकियों को दाखिला मिला है,बता दें मिज़ोरम में कांग्रेस की सरकार है। जिसके बाद उनकी सोशल मीडिया पर आलोचना शुरू हो गई। यही नहीं राहुल गाँधी की जुबान फिर फिसली और उन्होंने इस बार वित्त मंत्री के बारे में बोलते हुए कहा ,नीरव मोदी देश छोड़ने से पहली वित्त मंत्री अरुण जेटली से संसद भवन में मिले थे। जिसपर जेटली ने कहा मुझे याद नहीं मैंने कभी नीरव मोदी को देखा हो। राहुल गाँधी विजय माल्या के बारे में बोलना चाहते थे शायद पर यहाँ भी उनकी जुबान ने उनका साथ नहीं दिया।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी का यूँ बार-बार जुबान फिसलना कांग्रेस के लिए आँखों की किरकिरी बनता जा रहा है, हालांकि पार्टी कार्यकर्त्ता राहुल का बचाव करते रहे हैं। क्या कांग्रेस अध्यक्ष ने यह मान लिया है की जूठ बार बार बोलने से सच लगने लगती है या फिर ये मसखरी के लिए करते हैं ?

(यह लेखक के निजी विचार हैं, उदय बुलेटिन इस आलेख में दी गई जानकारी का उत्तरदायित्व नहीं लेता। )