एक ऐसा शहर जहाँ पैसे कमाने के लिए लोग इस हद तक गिर गये हैं कि बच्चों को भी इस गंदे व्यापार में धकेला जा रहा है 

Abhishek

लोगो को पेरिस के एफिल टावर के बजाय बैंकाक में ज्यादा दिलचस्पी है. ऐसा क्या है वहा?

टूरिज़म से पैसे कमाने के मामले में थाईलैंड ने फ़्रांस को भी पछाड़ दिया हैं एक रिपोर्ट के मुताबिक ये कारनामा हम भारतीयों ने किया है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो अगले 5 साल में थाईलैंड टूरिज्म के मामले में दुनिया में दूसरे स्थान पर आ जायेगा।

थाईलैंड के पर्यटन में बूम के पीछे भारत है

भारत के कई ऐसे एयरपोर्ट हैं जहां से थाईलैंड जाने में तीन से चार घंटे का ही वक़्त लगता हैं। पिछले साल 14 लाख भारतीय थाईलैंड गए और यह उसके पहले के साल से 18.2 प्रतिशत ज़्यादा है। थाईलैंड आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारत 2017 में पांचवे नंबर पर था जबकि 2013 में सातवें नबर पर था |

क्या बजह हैं कि थाईलैंड भारतीयों को इतना भा रहा है?

थाईलैंड की एक टूरिस्ट वेबसाइट का कहना है कि बड़ी संख्या में वैसे भारतीय ही यहां आते हैं जो सेक्स की चाहत मन में संजोए रहते हैं | कई लोग इस शहर में थाई लड़कियों से अपने शरीर की मालिश के लिए भी यहां आते हैं।

इस वेबसाइट का कहना है कि भारतीय पुरुषों की छवि थाईलैंड में बहुत ठीक नहीं है।

ज़्यादातर भारतीय पुरुषों की छवि ये भी है ये ग़रीब मुल्क से हैं इसलिए ज़्यादा पैसे लेकर नहीं आते हैं। नाईट लाइफ का मजा लेने के लिए ज्यादातर मर्द बिजनेस ट्रिप के बहाने जाते है बैंकाक |

पाटाया में एक हजार से अधिक मसाज पार्लर हैं जो अवैध रूप से वेश्यावृत्ति रैकेट चलाते है।

मसाज पार्लर की आड़ में भी यहां बहुत सारे गलत काम होते हैं। यहां बार में डांसर या एस्कॉर्ट के साथ अकेले में समय बिताने के लिए पहले एक निश्चित रकम चुकानी होती है इसके बाद ही आगे का सौदा तय होता है।आंकड़ों के मुताबिक इस काम में 40 हजार से भी ज्यादा बच्चे भी शामिल हैं